ब्रीद: इन टू द शैडोज़

ब्रीद: इन टू द शैडोज़

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शर्तें लागू

एक नकाबपोश आदमी एक छेह साल की लड़की का अपहरण करके एक ग़ैरमामूली फिरौती की मांग करता है. अपनी बेटी को बचाने के लिए डॉ.अविनाश सभरवाल को किसी की ह्त्या करनी होगी. इस दौरान, दिल्ली क्राइम ब्रांच के विपरीत माहौल में कबीर सावंत पहुँचता है. झूठ, फ़रेब और माइंड गेम शुरू होता है जब ये केस कबीर को सौंपा जाता है. वो अविनाश से मिलता है. अविनाश अपनी बेटी को बचाने के लिए किस हद तक जाएगा?
IMDb 7.6/1020202 सीज़न
ड्रामासस्पेंसमनोवैज्ञानिक
ड्रामासस्पेंसमनोवैज्ञानिक
IMDb 7.6/1020202 सीज़न
टीवी-14
12 एपिसोड
  • 1. पापा'स प्रिंसेस

    1. पापा'स प्रिंसेस

    अविनाश और आभा की खुशहाल ज़िंदगी में भूचाल आता है जब उनकी छेह साल की बेटी सिया का अपहरण होता है. महीनों बीत जाते हैं, सारी उम्मीदें ख़त्म होने लगती हैं, तभी अपहरणकर्ता की तरफ से फिरौती की ग़ैरमामूली मांग की जाती है. सिया की ज़िंदगी के बदले फिरौती में पैसा नहीं, किसी की ह्त्या करने का निर्देश है! क्या अविनाश अपनी बेटी को बचाने के लिए किसी अजनबी की जान लेगा?
    अविनाश और आभा की खुशहाल ज़िंदगी में भूचाल आता है जब उनकी छेह साल की बेटी सिया का अपहरण होता है. महीनों बीत जाते हैं, सारी उम्मीदें ख़त्म होने लगती हैं, तभी अपहरणकर्ता की तरफ से फिरौती की ग़ैरमामूली मांग की जाती है. सिया की ज़िंदगी के बदले फिरौती में पैसा नहीं, किसी की ह्त्या करने का निर्देश है! क्या अविनाश अपनी बेटी को बचाने के लिए किसी अजनबी की जान लेगा?
    टीवी-14
    47मिन
    8 जुल॰ 2020
  • 2. फ़िल्थी

    2. फ़िल्थी

    वक़्त बीतता जा रहा है, अविनाश और आभा को गलत रास्ते पे जाना पड़ता है. अविनाश अपनी कशमकश पर काबू पाता है और अपनी साइकियाट्रिक काबिलियत से अपने टारगेट की हत्या का फ़ैसला करता है. कबीर अतीत की भूलसुधार की कोशिश करता है और मुंबई से दिल्ली क्राइम ब्रांच में ट्रान्सफ़र करवाता है मगर किस्मत को कुछ और मंज़ूर था. उसे अविनाश के हाथों हुई हत्या की तहकीकात का काम दिया जाता है.
    वक़्त बीतता जा रहा है, अविनाश और आभा को गलत रास्ते पे जाना पड़ता है. अविनाश अपनी कशमकश पर काबू पाता है और अपनी साइकियाट्रिक काबिलियत से अपने टारगेट की हत्या का फ़ैसला करता है. कबीर अतीत की भूलसुधार की कोशिश करता है और मुंबई से दिल्ली क्राइम ब्रांच में ट्रान्सफ़र करवाता है मगर किस्मत को कुछ और मंज़ूर था. उसे अविनाश के हाथों हुई हत्या की तहकीकात का काम दिया जाता है.
    टीवी-14
    44मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 3. विंग्स एंड चेन्स

    3. विंग्स एंड चेन्स

    अविनाश और आभा के हाथ खून से रंगे हैं और उनका धीरज ख़त्म हो रहा है, वो सिया से मिलने को बैचैन हैं. छानबीन करते वक़्त, कबीर को अहम् सुराग मिलता है. अविनाश को लगने लगता है वो फंस सकता है. उसे एक और झटका तब लगता है जब अपहरणकर्ता एक नई मांग सामने रखते हैं- एक और अनअपेक्षित टारगेट के क़त्ल की मांग! अविनाश को अगर अपनी बेटी चाहिए तो उसे ये क़त्ल करने होंगे.
    अविनाश और आभा के हाथ खून से रंगे हैं और उनका धीरज ख़त्म हो रहा है, वो सिया से मिलने को बैचैन हैं. छानबीन करते वक़्त, कबीर को अहम् सुराग मिलता है. अविनाश को लगने लगता है वो फंस सकता है. उसे एक और झटका तब लगता है जब अपहरणकर्ता एक नई मांग सामने रखते हैं- एक और अनअपेक्षित टारगेट के क़त्ल की मांग! अविनाश को अगर अपनी बेटी चाहिए तो उसे ये क़त्ल करने होंगे.
    टीवी-14
    43मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 4. माइंड गेम्स

    4. माइंड गेम्स

    कबीर दिल्ली में नए केस का काम संभालता है मगर उसके आखरी केस की याद उसे चैन नहीं लेने देती. अपहरणकर्ता माइंड गेम खेलता है और इस बार, अविनाश एक नामुमकिन स्थिति का सामना करता है जब तक आभा एक दुस्साहसी कदम नहीं उठाती. अविनाश को लगता है उसके और उसके शिकारों के बीच कोई सम्बन्ध है. क्या अपहरणकर्ता के शिकारों और उसके बीच का सम्बन्ध जानने के लिए अविनाश की कोशिशें रंग लायेंगी?
    कबीर दिल्ली में नए केस का काम संभालता है मगर उसके आखरी केस की याद उसे चैन नहीं लेने देती. अपहरणकर्ता माइंड गेम खेलता है और इस बार, अविनाश एक नामुमकिन स्थिति का सामना करता है जब तक आभा एक दुस्साहसी कदम नहीं उठाती. अविनाश को लगता है उसके और उसके शिकारों के बीच कोई सम्बन्ध है. क्या अपहरणकर्ता के शिकारों और उसके बीच का सम्बन्ध जानने के लिए अविनाश की कोशिशें रंग लायेंगी?
    टीवी-14
    44मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 5. रिफ्लेक्शन

    5. रिफ्लेक्शन

    एक अनपेक्षित स्रोत से कबीर को मिले अहम सुराग के साथ वो केस की तह तक जाता है. सिया और गायत्री बाल बाल बचते हैं और अपहरणकर्ता के गुस्से से बमुश्किल बच पाते हैं. आभा अगले शिकार के साथ एक ख़तरनाक खेल खेलती है, पर कत्ल की फूहड़ कोशिश के विनाशकारी नतीजे निकलते हैं. एक बड़ा खुलासा होता है जो जवाबों से ज़्यादा सवाल उठाता है और केस की बुनियाद ही बदल सकती है.
    एक अनपेक्षित स्रोत से कबीर को मिले अहम सुराग के साथ वो केस की तह तक जाता है. सिया और गायत्री बाल बाल बचते हैं और अपहरणकर्ता के गुस्से से बमुश्किल बच पाते हैं. आभा अगले शिकार के साथ एक ख़तरनाक खेल खेलती है, पर कत्ल की फूहड़ कोशिश के विनाशकारी नतीजे निकलते हैं. एक बड़ा खुलासा होता है जो जवाबों से ज़्यादा सवाल उठाता है और केस की बुनियाद ही बदल सकती है.
    टीवी-14
    48मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 6. टर्निंग पॉइंट

    6. टर्निंग पॉइंट

    गहरी बैठी मानसिकता सामने आती है जो सरफिरे अपहरणकर्ता से सब करवाती है. राज़, जो अपहरणकर्ता के दिमाग में घर किये हुए हैं, सामने आते हैं जो और ज़्यादा खून बहाने की मांग करते हैं. इधर कबीर की आक्रामक शैली पसंद नहीं की जाती, उसका डिपार्टमेंट उसके खिलाफ़ होता है. आभा और अविनाश अगला कदम उठाते हैं और एक और कत्ल करते हैं, वो इस बात से अनजान हैं कि उन्होंने मुसीबतों के लिए दरवाज़ा खोला है!
    गहरी बैठी मानसिकता सामने आती है जो सरफिरे अपहरणकर्ता से सब करवाती है. राज़, जो अपहरणकर्ता के दिमाग में घर किये हुए हैं, सामने आते हैं जो और ज़्यादा खून बहाने की मांग करते हैं. इधर कबीर की आक्रामक शैली पसंद नहीं की जाती, उसका डिपार्टमेंट उसके खिलाफ़ होता है. आभा और अविनाश अगला कदम उठाते हैं और एक और कत्ल करते हैं, वो इस बात से अनजान हैं कि उन्होंने मुसीबतों के लिए दरवाज़ा खोला है!
    टीवी-14
    49मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 7. रिले रेस

    7. रिले रेस

    हत्याओं पर मीडिया की कड़ी नज़र का कबीर और टीम पर ज़बरदस्त दवाब है. इसके चलते, कबीर जीजान लगाकर पहेली के टूटे सिरे जोड़ता है. उसे अहम सुराग मिलता है जो अविनाश के बेटी को बचाने के मिशन को खतरे में डालता है. इस दौरान, एक रहस्यमयी औरत अपहरणकर्ता की ज़िंदगी में आती है और खतरनाक होने का अनोखा नुस्खा बताती है. अगले शिकार का नाम सांझा किया जाता है जो अविनाश के लिए अब तक का सबसे मुश्किल क़त्ल है.
    हत्याओं पर मीडिया की कड़ी नज़र का कबीर और टीम पर ज़बरदस्त दवाब है. इसके चलते, कबीर जीजान लगाकर पहेली के टूटे सिरे जोड़ता है. उसे अहम सुराग मिलता है जो अविनाश के बेटी को बचाने के मिशन को खतरे में डालता है. इस दौरान, एक रहस्यमयी औरत अपहरणकर्ता की ज़िंदगी में आती है और खतरनाक होने का अनोखा नुस्खा बताती है. अगले शिकार का नाम सांझा किया जाता है जो अविनाश के लिए अब तक का सबसे मुश्किल क़त्ल है.
    टीवी-14
    45मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 8. बैड अंकल

    8. बैड अंकल

    अविनाश का सामना उसके नए शिकार से होता है उसे इस क़त्ल के लिए अपने दिल पर पत्थर रखना पड़ता है. कबीर को लगता है वो सच के करीब है, सारी रूपरेखा साफ़ होने लगती है. इस दरम्यान, सिया और गायत्री की मायूसी बहुत बढ जाती है. वो कैद से भागने का एक और बड़ा प्लान बनाते हैं. लेकिन नकाबपोश ख़तरा क्या उन्हें छोड़ेगा ?
    अविनाश का सामना उसके नए शिकार से होता है उसे इस क़त्ल के लिए अपने दिल पर पत्थर रखना पड़ता है. कबीर को लगता है वो सच के करीब है, सारी रूपरेखा साफ़ होने लगती है. इस दरम्यान, सिया और गायत्री की मायूसी बहुत बढ जाती है. वो कैद से भागने का एक और बड़ा प्लान बनाते हैं. लेकिन नकाबपोश ख़तरा क्या उन्हें छोड़ेगा ?
    टीवी-14
    44मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 9. लाइट्स आउट

    9. लाइट्स आउट

    अपहरणकर्ता पर शिकंजा कसता है और वो उसकी ज़िन्दगी में आई रहस्यमयी अजनबी शर्ली की मदद से खुद को खतरे से बचा लेता है. अविनाश के सामने अचानक कबीर आता है जो उसके उस कवर को उड़ा सकता है जो उसे शिकार तक ले जाता. क्राइम ब्रांच की अंदरूनी पॉलिटिक्स कबीर को अपहरणकर्ता को पकड़ने नहीं देती. अब सारा खेल होगा इस पार या उस पार.
    अपहरणकर्ता पर शिकंजा कसता है और वो उसकी ज़िन्दगी में आई रहस्यमयी अजनबी शर्ली की मदद से खुद को खतरे से बचा लेता है. अविनाश के सामने अचानक कबीर आता है जो उसके उस कवर को उड़ा सकता है जो उसे शिकार तक ले जाता. क्राइम ब्रांच की अंदरूनी पॉलिटिक्स कबीर को अपहरणकर्ता को पकड़ने नहीं देती. अब सारा खेल होगा इस पार या उस पार.
    टीवी-14
    50मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 10. 1996

    10. 1996

    कबीर अविनाश की ऐलेबाय को हर तरफ से जांचता, कुरेदता और नुक्स निकालकर उसे परेशान करता है. क्राइम ब्रांच की ज़ेबा मीडिया को उकसाकर कबीर को अपने गुस्से का निशाना बनाती है. अपहरणकर्ता की उलझी मानसिकता का मूल कारण सामने आता है जिससे कत्लों के सिलसिले की वजह पता चलती है. और उधर सिया और गायत्री नकाबपोश अपहरणकर्ता के साथ संघर्ष करती हैं.
    कबीर अविनाश की ऐलेबाय को हर तरफ से जांचता, कुरेदता और नुक्स निकालकर उसे परेशान करता है. क्राइम ब्रांच की ज़ेबा मीडिया को उकसाकर कबीर को अपने गुस्से का निशाना बनाती है. अपहरणकर्ता की उलझी मानसिकता का मूल कारण सामने आता है जिससे कत्लों के सिलसिले की वजह पता चलती है. और उधर सिया और गायत्री नकाबपोश अपहरणकर्ता के साथ संघर्ष करती हैं.
    टीवी-14
    45मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 11. शेफ्स स्पेशल

    11. शेफ्स स्पेशल

    सारा मामला आखरी दौर पर आता है, अपहरणकर्ता अपने अंदरूनी दिलचस्प सफ़र का सटीक मास्टरप्लान बताता है. ज़ेबा की लगाईं चिंगारी से आग भड़कती है और कबीर क्राइम ब्रांच से सस्पेंशन का सामना करता है. कबीर आभा से सवाल करता है क्योंकि संदेह बना हुआ है. कबीर के जेल के घाव उसे परेशान करते हैं, जब उसे केस से हटाया जाता है. अविनाश मिशन के आखरी दौर में कदम रखने के लिए तैयार है.
    सारा मामला आखरी दौर पर आता है, अपहरणकर्ता अपने अंदरूनी दिलचस्प सफ़र का सटीक मास्टरप्लान बताता है. ज़ेबा की लगाईं चिंगारी से आग भड़कती है और कबीर क्राइम ब्रांच से सस्पेंशन का सामना करता है. कबीर आभा से सवाल करता है क्योंकि संदेह बना हुआ है. कबीर के जेल के घाव उसे परेशान करते हैं, जब उसे केस से हटाया जाता है. अविनाश मिशन के आखरी दौर में कदम रखने के लिए तैयार है.
    टीवी-14
    45मिन
    9 जुल॰ 2020
  • 12. सी-16

    12. सी-16

    आभा की दुनिया बिखर जाती है जब उसे शक होता है, अविनाश उससे बेवफ़ाई कर रहा है. कबीर अपहरणकर्ता के दुखदायी अतीत की तह तक जाकर केस सुलझा लेता है मगर क्या उसने बहुत देर कर दी? आभा अपहरणकर्ता के अड्डे तक पीछा करती है जहां उससे उसकी किसी की दिलदहलाने वाली मुलाक़ात होती है. कबीर वक़्त पर पहुंचता है मगर क्या वो सब संभाल लेगा? और क्या अविनाश और आभा सिया को बचा लेंगे?
    आभा की दुनिया बिखर जाती है जब उसे शक होता है, अविनाश उससे बेवफ़ाई कर रहा है. कबीर अपहरणकर्ता के दुखदायी अतीत की तह तक जाकर केस सुलझा लेता है मगर क्या उसने बहुत देर कर दी? आभा अपहरणकर्ता के अड्डे तक पीछा करती है जहां उससे उसकी किसी की दिलदहलाने वाली मुलाक़ात होती है. कबीर वक़्त पर पहुंचता है मगर क्या वो सब संभाल लेगा? और क्या अविनाश और आभा सिया को बचा लेंगे?
    टीवी-14
    59मिन
    9 जुल॰ 2020
  • ब्रीद: इन टू द शैडोज़
    ड्रामासस्पेंसमनोवैज्ञानिक
    IMDb 7.6/1020202 सीज़न
    एक नकाबपोश आदमी एक छेह साल की लड़की का अपहरण करके एक ग़ैरमामूली फिरौती की मांग करता है. अपनी बेटी को बचाने के लिए डॉ.अविनाश सभरवाल को किसी की ह्त्या करनी होगी. इस दौरान, दिल्ली क्राइम ब्रांच के विपरीत माहौल में कबीर सावंत पहुँचता है. झूठ, फ़रेब और माइंड गेम शुरू होता है जब ये केस कबीर को सौंपा जाता है. वो अविनाश से मिलता है. अविनाश अपनी बेटी को बचाने के लिए किस हद तक जाएगा?
    समीक्षाएं
    3.4 out of 5 stars

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    2. 4 star
      17%
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    5. 1 star
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    कंटेंट एडवाइज़री
    टीवी-14
    हिंसानशीले पदार्थ का उपयोगशराब का उपयोगधूम्रपानअभद्र भाषायौन कंटेंटLas luces intermitentes y los patrones parpadeantes pueden afectar a los espectadores fotosensibles
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