आधुनिक समाज सही और गलत, भले और बुरे, बदले और पश्चाताप के बीच लकीर खींच देता है। एक पल का स्वार्थ और गुस्से की एक चिंगारी दो लोगों को आमने-सामने ले आती है। हठ की यह लड़ाई दोनों की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल देती है।
आधुनिक समाज सही और गलत, भले और बुरे, बदले और पश्चाताप के बीच लकीर खींच देता है। एक पल का स्वार्थ और गुस्से की एक चिंगारी दो लोगों को आमने-सामने ले आती है। हठ की यह लड़ाई दोनों की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल देती है।