मीडिया में मचा हंगामा थमने के साथ, कड़े फ़ैसले लेने का समय आता है। पालोमा एक ऐसे परिवार में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करती है जो स्वार्थपूर्ण सम्बन्धों के कारण टुकड़ों में बँटा हुआ है।मीडिया में मचा हंगामा थमने के साथ, कड़े फ़ैसले लेने का समय आता है। पालोमा एक ऐसे परिवार में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करती है जो स्वार्थपूर्ण सम्बन्धों के कारण टुकड़ों में बँटा हुआ है।