यह फिल्म समाज के दो ऐब को दर्शाता है - मानव तस्करी और पोर्नोग्राफी। कुनाल (कुनाल खेमू) और उसके पिता कश्मीर से आए हुए शरणार्थी हैं जो मुंबई में बस गए हैं। कुनाल के पिता की एक रेल हादसे में मौत हो जाती है और रेनुका का दायित्व कुनाल पर आ जाता है। वे शादी कर लेते हैं और ख़ुशी-ख़ुशी जीवन बिताते हैं पर पॉर्न इंडस्ट्री उनकी ख़ुशियों को बर्बाद कर देती है। क्या कुनाल अपने बीवी को बदनामी से बचा पाएगा?
IMDb 6.5/1020051 घंटा 56 मिनट