
पहला एपिसोड फ़्री
सीज़न 1
8 एपिसोड
1. "एक वादा"
जॉश की तबियत बिगड़ने और उसकी मौत लगभग निश्चित होने पर डैनी की दुनिया उजड़ने की कगार पर पहुँच जाती है। जॉश की जान बस अंग प्रत्यारोपण से बच सकती है। डैनी खुद से एक खतरनाक वादा करके एक ऐसे रास्ते पर निकलता है जहाँ से वापसी संभव नहीं। कबीर एक भ्रष्ट पुलिस वाले और एक स्थानीय ड्रग तस्कर के बीच साँठ-गाँठ उजागर करता है पर ऐसा करके वह खुद को और अपनी यूनिट को सोशल मीडिया पर आलोचना का शिकार बना देता है।
2. "शिकार की तलाश"

2. "शिकार की तलाश"
डैनी अंगदान की प्रक्रिया के बारे में पता लगाता है। संभावित अंगदाताओं का पता लगाने के बाद, डैनी अपने पहले शिकार, वर्मा पर नज़रें गड़ाता है और जॉश को ज़िंदगी के करीब लाने का एक अनूठा तरीका अपनाता है। कबीर अपनी ज़िंदगी की बुरी यादों को भूलना नहीं चाहता और वह और रिया तलाक की दहलीज़ तक आ जाते हैं।
3. "सुरक्षा"

3. "सुरक्षा"
डैनी की हिम्मत बढ़ जाती है और वह अपना दूसरा शिकार चुनता है, एक जवान तकनीकी विशेषज्ञ राहुल। जब डैनी की सावधानी से बनाई योजना नाकाम होती है, तो वह एक खतरनाक और बर्बर कोशिश करता है। कबीर का मन उसे इस केस की जाँच करने को कहता है। कबीर और प्रकाश को यकीन है कि राहुल के साथ हुई दुर्घटना जैसी लग रही है, वैसी है नहीं।
4. "ऑडिशन"

4. "ऑडिशन"
डैनी हत्या करने में और माहिर हो जाता है और अगली शिकार, एक उभरती कलाकार अनीता, को चुनकर उसे फँसाने के लिए साज़िश का एक जाल बुनता है। कबीर को अपने नए बॉस, एसीपी शंकर के विरोध का सामना करना पड़ता है। कबीर और प्रकाश एक महत्वपूर्ण सुराग खोजते हैं जो दो अंगदाताओं की अलग दिख रही मौत को जोड़ने का पहला सुराग बन जाता है। उन्हें एक चौंका देने वाला पैटर्न और हत्यारे की सूची में एक अप्रत्याशित शिकार मिलता है।
5. "गंदी मछली"

5. "गंदी मछली"
जॉश के पास समय कम बचा है और डैनी रिया की ज़िंदगी में बेधड़क कदम रखता है। वह वर्मा को खत्म करने के लिए अपनी ज़िंदगी को भी खतरे में डाल देता है। कबीर निजी ज़िंदगी और पेशेवर ज़िंदगी की मुश्किलों से जूझता है जब उसके सामने ऐसी मुसीबत आती है जो अंगदाताओं की मौत से जुड़ी जाँच को खत्म कर सकती है। कबीर और प्रकाश एक नए संदिग्ध, राव पर नज़र टिकाते हैं और इससे केस में नए मोड़ आते हैं।
6. "आँख-मिचौली"

6. "आँख-मिचौली"
एक ज़बरदस्त चूहे-बिल्ली की दौड़ शुरू होती है जब कबीर डैनी के घर आता है और डैनी पर शक गहरा होता है। शंकर को कबीर की इस छिपी हुई जाँच का पता चल जाता है और वह जाँच बंद करने के आदेश देता है जबकि कबीर इस पहेली के सिरे जोड़ रहा है। अपने अगले शिकार, नायर पर हमला करते वक्त डैनी अपने लिए एक बेहतरीन गवाह तैयार करता है।
7. "आँखों की सच्चाई"

7. "आँखों की सच्चाई"
डैनी की सटीक योजना के चलते कबीर हत्या के इल्ज़ाम उस पर नहीं डाल पाता। बिना लक्ष्य से भटके और पूरी शिद्दत के साथ, डैनी अपने अगले शिकार की ओर बढ़ता है, जबकि कबीर का ध्यान राव पर लग जाता है और उसे एक महत्वपूर्ण सुराग मिलता है जो केस को सुलझा सकता है और राव को हत्यारा साबित कर सकता है। कबीर और डैनी के बीच आँख-मिचौली का खेल शुरू हो जाता है और डैनी जॉश को ज़िंदगी के एक कदम और करीब ले आता है।
8. "शरीर के अंग"

8. "शरीर के अंग"
जब ऐसा लगता है कि केस बंद हो गया और कबीर का ध्यान बंट गया, डैनी अपनी सबसे खतरनाक चाल चलता है - रिया पर सीधा हमला ताकि जॉश को आखिरकार वह अंग मिल जाए जिससे उसे एक सामान्य ज़िंदगी मिल जाएगी। जब ऐसा लगता है कि सब डैनी की साज़िश के मुताबिक हो रहा है, तो एक धमाकेदार और आश्चर्यजनक खुलासा होता है जो इस सीरीज़ का एक शानदार अंत है।
ब्रीद
IMDb 8.2/1020181 सीज़न
निर्माता और कलाकार
- निर्देशक
- निर्माता
- कलाकार
- स्टूडियो
कंटेंट एडवाइज़री
ऑडियो की भाषाएं
5.1
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