एक नकाबपोश आदमी एक छेह साल की लड़की का अपहरण करके एक ग़ैरमामूली फिरौती की मांग करता है. अपनी बेटी को बचाने के लिए डॉ.अविनाश सभरवाल को किसी की ह्त्या करनी होगी. इस दौरान, दिल्ली क्राइम ब्रांच के विपरीत माहौल में कबीर सावंत पहुँचता है. झूठ, फ़रेब और माइंड गेम शुरू होता है जब ये केस कबीर को सौंपा जाता है. वो अविनाश से मिलता है. अविनाश अपनी बेटी को बचाने के लिए किस हद तक जाएगा?