यह कहानी, रंगास्थलम गाँव में आधारित है। चिट्टी बाबू (राम चरण) एक मस्तमौला इंसान है जिसे सुनाई नहीं देता है लेकिन वह इस कमजोरी को रुकावट बनने नहीं देता है। उसका भाई कुमार बाबू (आदि पीनीसेट्टी) दुबई से वापस लौटता है और देखता है कि गाँव में कुछ नहीं बदला है। आगे की कहानी में दिखाया गया है कि जब वह खूंखार प्रेसिडेंट गारू (जगपति बाबू) का विरोध करने का फैसला करता है तब क्या होता है।
IMDb 8.2/1020182 घंटा 53 मिनट