सिद्धार्थ, छोटे शहर का एक होनहार बैडमिंटन खिलाड़ी साजिशों के चलते चोटिल होकर खेल छोड़ने को मजबूर हो जाता है. अब वह खेल से नफरत करता है . लेकिन उसका , दोस्ती, प्यार और अधूरे सपनों से फिर सामना हो जाता है क्योंकि उसका बेटा खिलाड़ी बनना चाहता है । इस तरह खेल सिद्धार्थ के जीवन में लौटता है और उसे जीवन में लौटा लाता है ।
IMDb 7.3/1020232 घंटा 11 मिनट