स्टीवन गेर्रार्ड लिवरपूल एफ सी के इतिहास में महानतम खिलाडी बन चूका था, लेकिन तब जब सफलता और विजय स्मृति चिह्न घट रहे थे। इस प्रसिद्ध क्लब को फिर से चोटी पर उठाना उसका निजी लक्ष्य बन चुका था। इस निष्ठा ने उसे लिवरपूल के प्रशंसकों के सामने भगवान जैसी स्थिति में ला दिया, लेकिन ये असहनीय बोझ था,जो अपनी और उनकी उम्मीदों पर जीने की गहन जिम्मेदारी की समझ भी लाया।
स्टीवन गेर्रार्ड लिवरपूल एफ सी के इतिहास में महानतम खिलाडी बन चूका था, लेकिन तब जब सफलता और विजय स्मृति चिह्न घट रहे थे। इस प्रसिद्ध क्लब को फिर से चोटी पर उठाना उसका निजी लक्ष्य बन चुका था। इस निष्ठा ने उसे लिवरपूल के प्रशंसकों के सामने भगवान जैसी स्थिति में ला दिया, लेकिन ये असहनीय बोझ था,जो अपनी और उनकी उम्मीदों पर जीने की गहन जिम्मेदारी की समझ भी लाया।