एक ओर खिलाड़ी एवं कोच खेल के नए सीज़न के प्रतिबंधों और नियमों से जूझते हैं, वहीं दूसरी ओर एएफ़एल वैश्विक ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के मोरचे में शामिल होता है। जब मैच शुरू होते हैं, तो जिन टीमों के जीतने की उम्मीद बहुत कम थीं, वे भी बहुत उम्दा खेलती हैं। इसके विपरीत दिग्गज टीमों को नए माहौल का अब्यास्त होने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।एक ओर खिलाड़ी एवं कोच खेल के नए सीज़न के प्रतिबंधों और नियमों से जूझते हैं, वहीं दूसरी ओर एएफ़एल वैश्विक ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के मोरचे में शामिल होता है। जब मैच शुरू होते हैं, तो जिन टीमों के जीतने की उम्मीद बहुत कम थीं, वे भी बहुत उम्दा खेलती हैं। इसके विपरीत दिग्गज टीमों को नए माहौल का अब्यास्त होने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।