IMDb 4.7/1020112 घंटा 29 मिनट
यह कहानी एक गांव की है जहां पूजा अपने पिता की छत्रछाया में पलती है। आगे की पढाई करने के लिए, वह कोलकाता चली जाती है और अपने अंकल दिबाकर के साथ रहती है। जल्द ही वह सिद्धार्थ के प्यार में पड़ जाती है, जो चंचल लगता है लेकिन अपने माता-पिता के अलगाव से जख्मी है और लगातार उन्हें एकजुट करने की कोशिश कर रहा है। सिद्धार्थ और पूजा जल्द ही महसूस करते हैं कि उनके माता-पिता का और उनका मिलन आपस मे जुड़े हुए हैं।