यह कड़ी एप्रिल नाम की लड़की को लेकर है। वह कोई बीस साल की एक युवा पत्रकार है। काम के दौरान उसे चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें एक नए प्रकार कारोमांस सृजित होता है। इस दौर में उसके परिवार ने जितना उसका साथ दियाउतना पहले कभी नहीं दिया। अचानक स्वास्थ्य जाँच में जब उसे कैंसर होने का पता चलता है, उसकी ज़िंदगी में उथल-पुथल मच जाती है और वह जीवन-संघर्ष से लोहा लेने का पाठ सीखती है।