राहुल अगर अच्छी आवाज़ और सूरत का धनि है तो विशाल के पास अक्ल है। अगर मालविका को लोग घूरते रह जाते हैं तो प्रीती के पास भी कहने को हज़ार बाते हैं। विशाल और प्रीती बस मालविका और राहुल को ये नहीं बता पाते कि उन्हें उनसे प्यार है। इसलिए फेसबुक पर विशाल बन जाता है राहुल और प्रीती बन जाती है मालविका, और वे एक दूसरे से चैट करने लगते हैं। वे कोई और होने का अच्छा ढोंग करते हैं? वे कब तक इस झूठ को जी सकेंगे?
राहुल अगर अच्छी आवाज़ और सूरत का धनि है तो विशाल के पास अक्ल है। अगर मालविका को लोग घूरते रह जाते हैं तो प्रीती के पास भी कहने को हज़ार बाते हैं। विशाल और प्रीती बस मालविका और राहुल को ये नहीं बता पाते कि उन्हें उनसे प्यार है। इसलिए फेसबुक पर विशाल बन जाता है राहुल और प्रीती बन जाती है मालविका, और वे एक दूसरे से चैट करने लगते हैं। वे कोई और होने का अच्छा ढोंग करते हैं? वे कब तक इस झूठ को जी सकेंगे?